लखनऊ न्यूज डेस्क: लखनऊ में गैस की कमी को लेकर कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने अनोखा प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने नाले में पाइप डालकर उसे सिलेंडर से जोड़ दिया और उसी गैस से चाय बनाकर पीने का दावा किया। उनका कहना था कि यह प्रयोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बताए गए फॉर्मूले के आधार पर किया गया, लेकिन यह पूरी तरह असफल साबित हुआ। प्रदर्शनकारियों के अनुसार पूरा नाला सूख गया, फिर भी एक सिलेंडर गैस भी नहीं बन सकी।
यह प्रदर्शन कांग्रेस मुख्यालय के बाहर किया गया, जहां एनएसयूआई के सदस्यों ने प्रतीकात्मक तौर पर चाय की दुकान भी लगाई। उनका कहना था कि गैस की कमी के कारण यह चाय नाले से निकलने वाली गैस से बनाई गई है। इस प्रदर्शन के जरिए कार्यकर्ताओं ने एलपीजी की कथित कमी को लेकर सरकार पर निशाना साधा।
एनएसयूआई के सदस्य अखिलेश यादव ने कहा कि देश में गैस की किल्लत को लेकर लोग काफी परेशान हैं। उन्होंने बताया कि इस समस्या का समाधान खोजने के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक पुराना भाषण सुना, जिसमें नाले से गैस बनाने की बात कही गई थी। उसी फॉर्मूले को आजमाते हुए उन्होंने नाले से गैस निकालकर चाय बनाने की कोशिश की, लेकिन यह प्रयोग सफल नहीं हो सका।
अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए कहा कि यदि प्रधानमंत्री वैज्ञानिक की तरह समाधान बता रहे हैं तो उन्हें इस फॉर्मूले को और बेहतर बनाकर बताना चाहिए, क्योंकि नाले से गैस निकालने का यह तरीका कारगर नहीं दिख रहा है। उन्होंने कहा कि गैस की बढ़ती कीमतों और कमी के कारण आम लोग, खासकर छात्र और मजदूर, काफी परेशान हैं।
कार्यकर्ताओं का कहना है कि महंगी गैस के कारण हॉस्टल और मेस में भोजन की व्यवस्था प्रभावित हो रही है। छोटे दुकानदारों और ठेले वालों का काम भी ठप हो रहा है। उनका आरोप है कि गैस की बढ़ती कीमतों के चलते खाने-पीने की चीजें भी महंगी हो गई हैं और कई कामगारों को रोजगार के अभाव में गांव लौटना पड़ रहा है।